Monday, January 1, 2018

सेना में शहीद जवान पर उसके बच्चे के सोच

में गोली आज चलाहूँगा दुश्मन को मार गिराहूँगा
सेना में जा कर अपने दुश्मन का बदला ले आहूँगा
जो पापा का काम रह गया उससे आज में निभाहूँगा
भारत माँ की सेवा में मैं भी अपना कर्ज चुकाहूँगा।।

मिटा डाला उसने मेरे हर सपने वह अरमान को
मिटा डाली मेरे परिवार की हंसी और मुस्कान को
में भी आज मिटा आहूँगा दुश्मन को उसके घर में ही,
मिटनें नही दूंगा मैं भी अपनी ही आन,बान ,शान को।।

दुश्मन के घर में जा कर में दुश्मन को मार गिराहूँगा
में अपनी  मोत का बदला मोत से ही ले कर आहूँगा
उस हर जिहादी के घर आंगन को कब्रिस्तान बनाहूँगा
जो आँख उठाएगा मेरे मुल्क पर उसको मिठाहूँगा।

उसकी हर गोली का जुवाब में अपनी गोली से दूंगा
में अपने पिता का बदला आज सेना में जा कर लूंगा
उस के घर में जा कर आज उसकी में अर्थी सजाहूँगा
में  गोली  आज  चलाहूँगा  दुश्मन  को मार गिराहूँगा।।
मोहित

गजल पागल लिखूंगा

कभी तो पागल लिखूंगा

बरसती आँखों को में खुद को बादल लिखूंगा ।
तेरी  मोहब्बत  में  कभी  तो  पागल  लिखूंगा ।।

जिंदगी  की  राह  में  प्यार के सफर में खुद को
कभी गीत,कभी शायरी खुद को गजल लिखूंगा।।

कभी  तेरी  आँखों  को  तारा ,दिल  को दुलारा
खिलती तेरी हर अदा को आज कमल लिखूंगा।।

में हर दिन सुबह का सवेरा रात का अँधेरा
तेरे ख्यालो में खुद को आज घायल लिखूंगा।।

तेरी खिलती मुस्कान पर हर दिन में फ़िदा हूँ
तुमको पाने के लिए आज और कल लिखूंगा।।

मोहित

गजल

गजल
कभी में गीत लिखूंगा कभी में गजल लिखूंगा ।
तेरी हर एक अदा को खिलता कमल लिखूंगा ।

तुम्हें  पाने  के  लिए  में  हर  वक्त  रोता  हूँ,
जब  बरसती  है  आँखे  तुम्हें  बादल लिखूंगा ।

इस दिल में समा जाहो आज इस में बस जाहों
तुम्हें  पाने  के  लिए  आज  और कल लिखूंगा।

तेरे  ख्यालों  में  जब  कही  और  खो  जाता हूँ
खुद को मोहब्बत के सफर में पागल लिखूंगा ।

हर चहरे में मुझे तुम नजर आती हो तुम्हे तो
किसी का घुंघरू तो किसी की पायल लिखूंगा ।
मोहित

Friday, December 29, 2017

नव वर्ष 2018

इस साल नही कोई दंगा हो
इस साल हाथों में  तिरंगा हो,
इस साल गरीब की मुस्कान हो
मंजिल सभी की अब आसान हो।

खेतों में लहराती हरियाली
हर घर,आंगन में हो खुशहाली ।
इस साल सब का अपना काम हो
मिटे  देश पर उसी का नाम हो।

इस साल सबकी नई आशा हो
आगें बढ़ने की अभिलाषा हो।
जियें सब मस्ती में वो हाल हो
ऐसा ये पूरा नया साल हो।।
मोहित

नव वर्ष 2018

  "बदला हैं तो बस आज साल बदला"

नही भोर बदली,नहीं निशा बदली 
नही चाल बदली,नहीं दिशा बदली
बदला हैं तो बस आज साल बदला ।

नही चाँद बदला,ना भास्कर बदला
नही गांव बदला नहीं शहर बदला
बदला हैं तो बस आज साल बदला।।

नही छाव बदली,ना मौसम बदला
ना तो वो बदलें,ना ही हम बदलें
बदला हैं तो बस आज साल बदला।।

नही काम बदला,ना मुकाम बदला
नही हाल बदला,नही नाम बदला
बदला हैं तो बस आज साल बदला।।

ना धरती बदली ना अम्बर बदला
नही सोच बदली ना मुकदर बदला
बदला हैं तो बस आज साल बदला।।

मोहित

अटल जी जन्म दिन

अटल थी जिनकी सोंच
अटल था जिसका इरादा
अटल था जिसका लक्ष्य
अटल जिसका नेकवादा
अटल जिसका विश्वास
वो था अटल जिसके पास
अटल थे जिसके शब्द
अटल थी भारत की आस।।
ऐसे परम श्र्द्धेय भारत रत्न एंव पूर्व प्रधानमंत्री कवि श्रीअटल बिहारी वाजपेयी जी को उनके जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं...🙏🙏🙏मोहित

Saturday, December 23, 2017

नव वर्ष 2018

नये  साल  की  नई सुबह और नई रात मिलें ।

कभी आयें मुसीबत तो उसको भी मात मिलें ।

आप  सब  को  मेरी  ये  ही  शुभकामनायें  है,

इस वर्ष आपको भी खुशियों की सौगात मिलें।

मोहित