Saturday, February 24, 2018

नयनों को मटकाती (प्रेम गीत)

नयनों को मटकाती है
दिल को ये भटकाती है
यौवन की खिलती रानी
कितने को लटकाती है।।

मधुमास उसकी जवानी
नेनो से बहता पानी
उसके संग बने जोड़ी
प्रेम की हो ये कहानी।।

इन होंटो पर हो चुंबन
हाथों से हो आलिंगन
उसके संग हो वो मिलन
प्रेम में कर दे समर्पण ।।

उसके संग बन जाये बात
प्रेम की हो बस बरसात
पूरी रात हो बरसात
हो ऐसी मिलन की रात।।

मोहित

Tuesday, February 20, 2018

शादी की सालगिरह

मोहब्बत  के  सफर  में  समा  जलायें  रखना।
ये  दिलों  का  रिश्ता  दिलों  से  बनायें  रखना।
जीवन  की  बागियों  से  कही खुशियों मिलेंगी 
तुम  एक  दूजे  पर  विश्वास  जमायें  रखना ।।
मोहित

Monday, February 19, 2018

शादी की सालगिरह पर


तुम्हारी जिंदगी की कभी नही शाम हो
जीवन तुम्हारा एक दूजे के नाम हो।।
जीवन के पथ पर कभी नही अंधेरा हो
चन्दन की वादी में हमेशा बसेरा हो।।
ये जोड़ी तुम्हारी हर दिन सलामत रहें
ये जिंदगी एक दूजे की अमानत रहें।।

ऐसा जन्म,जन्म का तुम्हारा बंधन हो
मधुर मुस्कान वाला रिस्ता का उपवन हो।।
एक दूजे का हर वो सपना स्वीकार हो
हँसता खिलता तुम्हारा आज परिवार हो।।
इस जीवन का सफर तुम्हारा सुहाना हो
साथ फेरों का सफर तुम्हारा दीवाना हो।।

मेरी ये ही आपको मंगमकामना है

Sunday, February 11, 2018

शिव वंदना

शिव

दोस्तों,
आप सभी को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।
मेरे ईष्ट,मेरे आराध्य परम् पिता परमेश्वर देवो के देव महादेव की चरणों में कोटि कोटि वन्दन करता हूँ।जगत पिता से ये ही दुआ करता हूँ की वो सबका कल्याण करें।

हे ईश्वर हे दाता हे परमपिता ,
है ,तू जगत निरंकारी हे दाता।
हे करूणा निधि हे करूणा कारी
हे परमपिता परमात्मा  विषधारी।
हे भोले भंडारी हे त्रिपुरारी,
अब पावन कर दो हे धरा हमारी।
यहाँ सभ्यता संस्क्रति का मान रहें
ये मेरा हिंदुस्थान महान रहें।
दुख दर्द हर कष्ट को अब दूर करो
तुम दिव्य दृष्टि के रूप को अब धरो।
इस देश धरा का वैभव अमर रहें
तेरी चरणों मे हमारा घर रहें ।
जगतपिता विश्व गुरु आज कहलायें
जगत वेद पुराण की गाथा गायें।
भक्ति शक्ति देना हे करुणाकारी
हे उमाशंकर हे शिवजटा धारी ।
हे शिव शम्भू परमपिता परमेश्वर 
तुमको प्रणाम शिव शंकर हे ईश्वर।
      मोहित जागेटिया

शिव वंदना

शिव  ही  मेरी  आराधना  शिव  ही  मेरा  विश्वास है ।
महादेव उसका नाम कण कण में उसका आभाष है।
उस भोले की चरणों में  शांति सुकून का आभाष है,
जब भी करू शिव की पूजा तो शिव ही मेरे पास है ।।
मोहित

हर दिन शीश पर चंद्रमा,जटा से गंगा बहती है ।
हाथ  मे डमरू गलें में साँप की माला रहती है ।

शिव शंकर की हम आज पूजा  वंदना  करें
मेरी धड़कन तो ये शिव शिव आज कहती है ।।

शिव के भांग,धतूरा का प्रसाद हर दिन चढ़ता
शिव की  पूजा  वंदना  से  मेरा  दिन  डलता।

दूध ,दही ,घी ,शक्कर ,और  शहद से नहाता
भोले  पर  फूल ,माला ,बिलपत्र चढ़ने आता।

शिव के  हाथ  मे त्रिसूल वो कैलास निवासी
वो शिव घट घट वासी वो विश्व्नाथ है कासी।

आज  में  महिमा  गाता  हूँ  उस  परमेश्वर  की
शिव जिसका नाम ,धाम बड़ा है उस ईश्वर की।।

मोहि









Monday, February 5, 2018

वतन की बात करता है

कोई अपनी मोहब्बत या सनम की बात करता है।
जिस दिल मे हिन्दुस्थान वो वतन की बात करता है।।

रहते  यहाँ  पर  हिन्दू, मुस्लिम, सिख,ईसाई सभी भाई
जिस को हो वतन की फिक्र वो अमन की बात करता है।।

यहाँ पर धरती से उड़ते बहुत परिंदे आकाश में
दूर जाने वाला परिंदा गगन की बात करता है।।

हर दिन सीमा पर गर्मी, सर्दी, वर्षा में वो रहता
सरहद का हर जवान अपने चमन की बात करता है।।

इस वतन पर तिरंगा हो कफ़न,इस धरती पर हो दफन
मुल्क  पर  लहराता  तिरंगा  पवन  की  बात  करता  है।।
मोहित जागेटिया

Sunday, January 28, 2018

कासगंज पर मेरी कविता

      कासगंज घटना पर मेरी कविता

कासगंज का ध्वज लहरातें अब बेटा चन्दन नही रहा
देश के गद्दारों का देश के प्रति आज दर्पण नही रहा ।।

भारत देश अपने गद्दारों से हर बार बार छला गया
तिरंगा लहरातें चन्दन गोली खा के आज चला गया।।

उदघोष वन्दे मातरम,भारत माता की जय नारा था
चन्दन अपने देश के गद्दारों के हाथ आज हारा था।।

तिरंगा यात्रा में वो आज तिरंगे में लिपट कर आया
तिरंगे के खातिर वो तिरंगे की खुशबू घर पर लाया । ।

कब तक मेरे भारत देश में ये घटना होती रहेंगी
क्या  देश  की सरकारें ऐसे ही अब सोती रहेंगी।।

इस  देश  में  तिरंगा न फहराना कितनी बात बूरी है
जो देश को बाटे अब उनका आज ईलाज जरूरी है।।

चन्दन के अरमान को चन्दन की तरह आज लगाएंगे
देश  के गद्दारों  के  घर  पर  भी अब तिंरगा फहरायेंगे।।

दुश्मन की हर चुनौती हर बार आज स्वीकार करता हूँ
में  उस  चन्दन  को वंदन हर बार हजार बार करता हूँ
मोहित जागेटिया