Monday, August 14, 2017

कान्हा दिल से आज हम बुलाएँगे

तेरा  मंदिर  फूलो  से  आज  सजाएंगे।
मिश्री, माखन ,दही का भोग लगाएंगे ।
हमारे द्वार पर तुम भी आज चले आना ,
कान्हा तुम्हें आज हम दिल से बुलाएँगे।
मोहित

Sunday, August 13, 2017

तिरंगा 15/8/17

हम  आज़ादी  का  ये  त्यौहार  मनायें
एक  दूजे  में  प्यार की अलख जगाए ।
भारत  के  वीरों   को  सम्मान  दिलाए
इस धरती पर हम अपना फर्ज निभाए ।
विश्व   की  धरती  पर  तिरंगा  लहरायें
ऐसा  सुन्दर  भारत  यहाँ  हम  बनायें ।
हम शांति ,अहिंसा के मार्ग पर अब चलें
कलमकार  अपनी  ये  आवाज  उठायें ।
इस  धरती का हम अपना कर्ज चुकायें
भारत  माता  पर  अपना शीश जुखायें ।

ये  आजादी   हमारी   शान  बन  जायें
आजादी   हमारी   मुस्कान  बन  जायें ।
तीन   रंगों   से   बना   हमारा   तिरंगा,
अंत  समय  हमारी  पहचान  बन जायें ।
       मोहित

कृष्ण जन्माष्टमी पर छंद

वो गोकुल का ग्वाला था, वो मोर मुकुट धारी
वो  कृष्ण  बांके बिहारी ,आज  मथुरा  आया ।
मुरली  का दीवाना था, वो माखन को  चुराता
गोपियों    संग   रहता ,  राधा    दिल  चुराया।
पापियों का नाश किया,भक्तो का उद्धार किया
सबका कल्याण किया, वो  हर  जगह  छाया।
गीता  उपदेस  दिया , ज्ञान  का  पाठ  पढ़ाया
जिसने  तो  दुनिया  को,  प्रेम  पाठ  सिखाया।
मोहित







Thursday, August 10, 2017

अंसार के बयान पर

अपनी औकात में और अपने ईमान में रहों ।
बनाई है पहचान तो अपनी पहचान में रहों।
ऊँचाई पर जा कर आज नीछे क्यों गिरते हो तुम,
यहाँ पर सुरक्षित नही तो तुम पाकिस्तान में रहों।
मोहित

Saturday, August 5, 2017

वहाँ चला आहूँगा

जिंदगी के हर मोड़ पर तुम हो तो क्या गम है।
मेरी तुम से दोस्ती नही किसी से अब  कम हैं।
हर  मुसीबत  में  मुझे  तुम तो आवाज लगाना,
वहाँ   चला  आहूँगा  तेरे  आगें   जो   हम   हैं।
    मोहित

ये दोस्त तुम ही मेरी जिंदगी

तुम  ही  मेरी  जिंदगी  हो ,तुम  ही अब मेरा प्यार हो।
तुम  से  बनी  हसीन  दुनिया , तुम  ही मेरा संसार हो।
तुम हो तो मुझे क्या गम है तुम नही तो हर पल कम है,
ये  जिंदगी तो एक  नदी  , जिसकी तुम निर्मल धार हो।
        मोहित

Audio Kavita by MOHIT JAGETIYA

Audio Kavita by MOHIT JAGETIYA

Wednesday, July 26, 2017

यमुना के किनारे

यमुना  के  किनारें  काना  बंशी बजाते थे।
गोकुल  में  तो  मुरली  वाले गाय चराते थे।
अरे नटखट थे नन्द और यशोदा का लाला,
राधे  नाम  की  वो ब्रज  में धूम मचाते  थे।
मोहित जागेटिया

Tuesday, July 25, 2017

अधूरी सी जिंदगी

"अधूरी सी जिंदगी"

पल पल बीत रहा है
पल पल बीत गया
हर पल अधूरा हूँ,
तुम्हारे बिना ये
अधूरी सी जो जिंदगी ।
पल पल टूट रहा हूँ
हर पल सुख रहा हूँ
तुम्हारे बिना में
जीवन जो जी रहा हूँ।
खुद को में तुम मै
सीमेट रहा हूँ ।
खुद को में खुद ही
मिटा रहा हूँ ।
तुम्हारे बिना जो
जीवन मै जी रहा हूँ ।
मोहित

बहिन( रक्षा बंधन)

         ""    बहिन   ""
तुम  सावन  की आज पहली बौछार हो ।
तुम  बहती  नदी  में  निर्मल  सी धार हो ।
तुम  ही इस चमन में खिलता वो फूल हो,
तुम घर आँगन में भाई का कही प्यार हो।
तुम   से  सजा  ये  सुन्दर  वो  संसार  हो
ये घर  तुम  से  बना  वो  तुम परिवार हो।
एक  रेशम   के  धागे   से   बना   रिश्ता,
मेरा  तुम   रक्षा   बंधन  का  त्यौहार  हो।
                  मोहित
    

Thursday, July 20, 2017

मेरी कविता

             मेरी कविता
नही फूलों का हार है शब्दों का श्रृंगार है
शब्द शब्द माँ सरस्वती का ये उपहार है।
हर दिन मोहब्बत मेरी कविता का काम है
यही  मेरा  दुनिया  को  प्रेम  का  पैगाम है।
जग  में  शांति  अहिंसा  का  मेरा ईमान है
मेरी  सत्यता  ही  यहाँ   मेरी   पहचान  है।
गलत करें उसके लिए ये दर्पण बन जाती
अच्छा करें उसके लिए समर्पण बन जाती ।
गलत को गलत बताना यही मेरा काम है
मेरी कविता बस आज प्यार का पैगाम है।
मोहित






हर दिन मेरे ख़्वाबो में तुम आते हो ।मुतक्त

जिंदगी  को   तुम   फूलो  से  बनाते  हो।
हर दिन हर सपना आज तुम सजाते हो ।
खुशबू  फूलो  से  जुदा  नही  हो  पाती,
हर  दिन  मेरे  ख़्वाबो  में  तुम  आते  हो।
मोहित
मेरी  हर  बातों  को कभी भुलाते हो ।
प्यार में बहुत गम मुझे भी सताते हो।
आँखों  ही  आँखों  में अपना हो जाते,
हर  सपना  पूरा  हो  तुम  वो  रातें हो ।
मोहित

Tuesday, July 11, 2017

मुक्तक अमरनाथ हमले पर

शिव तेरे भक्त तो ,तेरी  चरणों में सो रहें है ।
भक्त तुम्हारे दरबार में ,तुम  कहाँ खो रहें है।
हे भोले  तुम्हारे  होते  भारत  पर  क्यों ऐसे,
हमेशा  ही ये आतंकवादी  हमले  हो  रहें है।
मोहित

अमरनाथ हमले पर

   "अमरनाथ हमले पर मेरी कविता"

मोदी जी अब हम किस पर आस लगायें
हमले तो हो रहें किस पर विश्वास लगायें ।
कब   तक   हमले   यहाँ   पर   होते   रहेंगे
कब   तक   हम   इंसान   को  खोते   रहेंगे।
तुम  को  तो अब  शिव रूप बनाना होगा
विक्राल  रूप   देश   को  दिखाना  होगा ।
तांडव  कर  अब  भूचाल   मचाना   होगा
शिव  नाम  ले  कर  आतंक  मिटाना होगा।
बहुत   हो   गया  अब  तो  यहाँ  अत्याचार
या   कमजोर   हो   रही   हमारी   सरकार।
अमर  बर्फानी   को   भक्तों  से  प्यार   था
सावन   का   ये   पहला  ही  सोमवार  था।
दुश्मन  तो   अपनी   घात   लगा   बेटा  था
शिव  भक्त  तो  आज   चरणों  में  लेटा  था ।
शिव  नाम  का  वह  दुश्मन  ऐसा  कौन था
दुश्मन   के   सामने   मेरा   शिव   मौन   था।
शिव   तेरा  भक्त   रात   दिन  जाग  रहा  था
आ  कर  सलामत  की   दुआ  मांग  रहा  था।
दुश्मन  की  दुआ  तुमने  आज  सुन  ली थी
भक्त  ने  तो   जगह  चरणों  में  चुन  ली  थी।
सब  की  दुआ  सुनलो  दुश्मन  को  मिटा  दो
घाटी   में  शांति  ला   कर , अशांति   हटा  दो।
तुम  हम  सब  को  खुशियों  की  दौलत  दे दो
हम  सब   को   सलामत   की   शौहरत  दे  दो ।
मोहित

Friday, July 7, 2017

हम भी आशियाना बनाने चलें है

हम   भी  अपना  आशियाना  बनाने  चलें  है।

रात के सपनों को अब हकिगत सजाने चलें है।

जो  छोड़  चूके  हमारा  साथ  इस  दुनिया  से,

उनको  छोड़  हम  भी  दुनिया  बसाने  चले  है।
मोहित

रूठना दोस्त से

ये दोस्त हमनें तो तुमको उठाना चाहा
मगर तुमनें खुद को खुद से गिराना चाहा।
हमनें तुमको अपना मान दोस्ती निभाई
तुमनें तो हमसे हर बात भी जब छुपाई।
खुद को गिरा कर तुम अब उठ नही पाहोगें
मंजिल से भटक नही रास्तों पर आहोगें।
हकिगत में अब तो हम भी तुमको जान गये
तुम्हारी हर हरकत को अब पहचान गये ।
मैं तुम्हारी हर हरकत का जुवाब दूँगा
में मेरी दोस्ती का भी अब हिसाब दूँगा।
अब नही तुम्हें कुछ कहने का अधिकार है
तुम्हें तो अब किसी और से जो प्यार है।
मोहित

गुरु देव पर मुक्तक

में अपनी हर ख़ुशी को उनको पैगाम करता  हूँ ।
इस जिंदगी की दौलत को उनके नाम करता हूँ।
यहाँ जो भी मिला है  उनके आशीर्वाद से मिला,
गुरु  पूजा कर के गुरु चरणों में प्रणाम करता हूँ।
मोहित

आँखों से उस दोस्त को बदलते देखा है

मैने  बुझते  चिराग  को  जलते  देखा  है।
कभी उस आंगन में फूल खिलते देखा है ।
कभी जिंदगी भर साथ का वादा किया था,
आँखों से उस दोस्त को बदलते देखा है।
       ।।मोहित।।

Friday, June 30, 2017

गुरु वन्दना

गरुदेव  मिलें  मुझे  तुम्हारा  सहारा
मेरा  साथ  बना   रहें  हमेशा  तुम्हारा।
गुरुज्ञान  से मेरा ज्ञान का दीप जलाना
इस दुनिया से हटा के चरणों में लगाना।
इस मोह माया की दुनिया से अब तार दो
संसार  से अपनी  चरणों में स्वीकार लो
इस सागर में भटक नही जाहूँ इधर उधर
जहाँ भी जाहूँ मिले मुझको  तुम्हारा दर।
इस महकते चमन का मुझको फूल बना दो
अपनी चरणों की धूल तो मुझ पर लगा दो।
में  सेवक  हूँ  तुम्हारी  चरणों  में आया
मेरा मन मंदिर का दिया तुमनें जलाया
तुम्हारे  बराबर  जग  नही  कोई   दूजा
तुम  ही  मेरी  वन्दना  और  मेरी  पूजा।

मोहित

Tuesday, June 27, 2017

सफलता पर

माता  पिता  ने  अपना   फ़र्ज  पूरा  किया ।
आपने  उनको  सफलता  का उपहार दिया।
ईश्वर  की  कृपा ,अपनी  मेहनत  लगन  से,
सफलता के कदम को अब आपने छू लिया।
मोहित जागेटिया

Sunday, June 25, 2017

प्रिय तुम भी अब आओ बारिश है

तुम  से  मेरी  एक  गुजारिश  है ।
तुम भी चलें आओ सिफारिश है ।
ये मौसम भी अब बदल गया है,
प्रिय तुम भी अब आओ बारिश है।
मोहित

हम अपनी जिंदगी तुम्हारे नाम करते है

बुराई  को  त्याग के आज अच्छा काम करते है ।
ज़ख्मो से  भरी  जिंदगी  को  सरे आम करते है ।
कही खों ना जायें  इस नादान दुनिया में हम अब,
हम  अपनी  जिंदगी  अब  तुम्हारे नाम करते है ।
मोहित

नही मुसलमान ,इंसान बने

जहाँ पर खुदा रहता वही पर मेरा भगवान है।

मेरे खुदा  के  घर  में नही हिन्दू ,मुसलमान है।

मेरी सारी खुशियों की दौलत तो ये ही पर है,

जहाँ पर नही नफ़रत वही पर सच्चा इंसान है।

मोहित

Wednesday, June 21, 2017

भारत की हार पर

जो जश्न हार का यहाँ मनाते है।
जश्न में यहाँ पटाखे जलाते है।
क्या कमी रह गई मेरे भारत में,
जो गीत पाकिस्तान का गाते है।
मोहित
जश्न मनाने का तुम्हें कोई अधिकार नही है।
खेल तो हार जीत का ये युद्ध में हार नही है।
तुम इस धरा पर रहतें हो यहाँ की खाते हो फिर,
कैसा भेद तुम्हारा इस मुल्क से प्यार नही है।
मोहित

Saturday, June 17, 2017

पिता पर

Happy father's day

पिता जीवन का अहसास है।
पिता  से  सब  कुछ  पास है।
पिता  मेरी  वन्दना  है
पिता   पर  ही   विश्वास  है ।
पिता मेरे नवकार है
पिता से ही परिवार है
इन से बड़ा नही कोई,
भगवान के अवतार है।
कभी  मेरी  मुस्कान है।
कभी  मेरा  सम्मान  है।
करू में कुछ अच्छा कभी
उसमे  पिता  की  शान है।
मोहित

Saturday, June 10, 2017

मेरा प्यारा भारत

           मेरा प्यारा भारत
सबसे   प्यारा   मेरा  भारत  महान  है
सबसे  अच्छा  यहाँ  का  तो  इंसान है।
हिन्दू , मुस्लिम,  सिख,  ईसाई  भाई है
इनको  समझना  इतना  ही आसान है।
सबकी  वेश भूषा ,रहन सहन अलग है
सबका  अपना  अपना  एक  ईमान है।
यहाँ  पर  तो  पूजा , आस्था  विश्वास है
यहाँ  पर  पत्थर  पत्थर  में भगवान है ।
संसार   में    लहराता    हमारा    झंडा
ये  नही  झुकें  इस  में  हमारी  जान  है।
गांव  शहर  वाला ,गरीब  अमीर  वाला
ये   सबसे   प्यारा   मेरा   हिंदुस्तान  है।
मोहित जागेटिया


Thursday, June 8, 2017

मुक्तक

जीने की दुआ देते खुद जीने नही देते है ।
गम को कैसे भूल जाहू पीने नही देते है।
उनकी हर खता से में तो अब मरना चाहता हूँ,
जीने की दुआ से वो अब मरने नही देते है।
मोहित

रात में आँखों से बरसात हो रही थी ।
न जाने क्यों उनसे ही बात हो रही थी।
सोचा उसको कभी अपना नही बना हूँ,
दर्द  से  मेरी  तन्हा  रात  हो  रही थी।
मोहित

सावन पर bhole पर

चन्दन की खुशबू होगी
               फूलों का श्रृंगार होगा ।
सावन में सजा मेरे
              बोले का दरबार होगा ।
लाखों भक्त आएंगे
                 भोले की पूजा करेंगे,
भांग धतूरों से सजा
              भाले का अवतार होगा।

मोहित

 

किसान आंदोलन

मंदसौर जल रहा है किसान मर रहा है ।
आज मेरा देश क्यों नही कुछ कर रहा है।
नेता  तो  नेतागिरी  वहाँ पर कर रहा है
आज वहाँ पर तो कल यहा पर कर रहा है।
जिसने खिलाया वो क्यों हर बार मरता है
कोई  भी  नही इनके लिए कुछ करता है।
जिसने मेहनत की उसकी क्यों नही सुनता
क्यों हर बार मेरा मन इस आग में जलता ।
मोहित

Saturday, June 3, 2017

मेरी मोहब्बत की हिफाजत कर गया

मेरी   मोहब्बत   से   वो  नफरत  करते है ।
किसी  और  से  वो अब मोहब्बत करते है ।
में  भूल  जाहूँगा  आज  उस  दोस्त को भी ,
जो  किसी और की आज हिफाजत करते है।
मोहित

Sunday, May 28, 2017

Modi ji 3 year

देश  बदला  संसार  में  भारत   का  नाम  किया  है ।
हकिगत में भारत की धरती पर कुछ काम किया है ।
भारत  का  मान  बड़ाया  इसको  सम्मान  दिलाया,
मोदी  जी  को  तो  संसार  ने  भी सलाम किया है ।
मोहित

Wednesday, May 24, 2017

करें गुना तो में बदनाम होता हूँ

मुझे राधा पुकारेगी तो आज घनश्याम होता हूँ ।
चलो तुम भी मेरे साथ तो में कभी राम होता हूँ ।
मेरा  कोई  दोष  नही  तेरे जुर्म की अदालत में,
करें गुनाह कोई और आज में बदनाम होता हूँ। ।
मोहित

मेरे जीवन का दरिया बदल गया

वक्त बदला तो नजरिया बदल गया ।
सच  में  वो  मेरी दुनिया बदल गया
प्यास बुजाने चला आया वो शख्स,
मेरे  जीवन  का  दरिया  बदल गया।
मोहित

Monday, May 8, 2017

महाराणा प्रताप जयंती पर

जिसने कभी राजस्थान का मान बड़ाया
उस प्रताप ने हमको तो सम्मान दिलाया।

वो  तो  राजस्थान की आन बान शान था
वो  हमारी  मेवाड़  धरा  की  मुस्कान था।

अपने स्वाभिमान को ना बिकने नही दिया
इरादों  को  उसने  कभी झुकने नही दिया।

नही  मानी  हार  जंगल  में  वो  चलता रहा
नही  छाव  आई  वो  धूप  में  जलता  रहा  ।

कभी वो डमरू वाले शिव का अवतार था
वो  तो  कभी  चेतक  घोड़े पर असवार था।

ऐसे  उदय  सिंह  के  पुत्र  को  मेरा  सलाम
उस  प्रताप  की  चरणों  में  मेरा  तो प्रणाम ।

मोहित

तुम दूर चली जाहोंगी

आज  तुम मुझसे बहुत दूर चली जाहोंगी ।
जाने  के बाद  मुझे  बहुत  याद आहोंगी ।
आँखों  को  आँसू  का  तोफा  दे जाहोंगी,
कभी  याद  करोगी  अपने  पास  पाहोंगी।
मोहित

निर्भया

निर्भया तुम्हारा दाग तो गहरा था
दरिंदों के आगे तुम्हारा चहरा था
दरिंदों ने सारी हदें अपनी तोड़ दी
सभी के आगे तुमने दुनिया छोड़ दी
इंसाफ  के लिए हम सब आगे आयें
तुमको इंसाफ मिलें दुआ मांग लायें ।
बालिग नाबालिग संसद में बहस चली,
सभी के दिल में क्रोध की जब आग जली
कुकर्म की भी कोई उम्र होती है
क्यों सरकार इन मुदो पर ही सोती है
ऐसे में सरकार को भी झुकना पड़ा
आज फैसला अदालत का चुनना पड़ा
अच्छा होता फाँसी उस दिन हो जाती
दामिनी भी सुकून की नींद सो जाती ।
जो भी फैसला है सबको मंजूर है
फिर भी निर्भया तो हम सब से दूर है।
मोहित


Saturday, April 29, 2017

दरिया पार मत करना ।

किसी  से  इश्क  का  कभी  इजहार मत करना ।
लगा के दिल किस से तुम अब प्यार मत करना ।
चलना  उस  सफ़र  में  ही  जहाँ पर मंजिल हो,
नही  हो  मालूम  वो  दरिया  पार  मत  करना ।
   मोहित

वादा है मेरा हर जन्म में बार बार मिलूँगा

आप से हर पल मोहब्बत की आस रखता हूँ ।
तुम पर में भी हद से ज्यादा विश्वास रखता हूँ ।

में  तो  अब  तुम्हारे  प्यार  का  गुलाम  रहूँगा।
मेरी  आप  से   दोस्ती ,आप  के  नाम  रहूँगा ।

तुम्हारा  साये  की  तरह  साथ  दूँगा हर पल
तुम से ये  मेरा  वादा  है  साथ  रहूँगा  कल।

आपकी दोस्ती ही जीवन की निशानी होगी
इस  महकते  जीवन की मेरी कहानी होगी।

वादा  है  मेरा  हर  जन्म  में तुमको मिलूँगा ।
रिस्तों  की  रिवाजों  को  निभाने  मै आहूँगा ।

हँसती हुई मुस्कराती हुई जिन्दगानी

हँसती  हुई  मुस्कराती  हुई  जिंदगानी  चाहिए ।
खिलती  हुई धुप में महकती हुई जवानी चाहिए।
कभी नही आये इस हँसते हुए चहरे पर गम
हमको आपके जीवन की  ऐसी कहानी चाहिए।
Mohit

Tuesday, April 25, 2017

नक्सलियों हमले पर


कब तक भारत के जवान हमलों में हम खोते रहेंगे ।

कब तक  उनके परिवार  सब के सामने  रोते  रहेंगे ।

हमारी  सरकारें  जवाब  दे  और  हमको  ये बतायें,

कब तक भारत में नक्सलियों के हमले होते रहेंगे ।

मोहित

Saturday, April 15, 2017

पत्थर बाज पर कविता

उन कुत्तों का भी ईलाज कर दो
मांगे  कश्मीर तो बाज कर दो ।

सेना  पर  जो  भी  पत्थर मारे
सेना  की  गोली  से  अब  हारे।

गद्दारों का तुम वो काम कर दो
मिटा कर उनको अब शाम कर दो।

बहुत हो चुकी उनकी नादानी
बहुत बहक चूका उनका पानी  ।

ना  बने  उनकी  कोई  कहानी
मिट जाए उनकी आज जवानी।

मिटाने  से  ही  ईलाज  होगा
नही  तो  ऐसा ही  आज होगा।

नही सेना का अपमान चहिये
हमें तो सेना की शान चहिये।

हमें  तो गद्दारों से  आजादी
खिलता हुआ हिन्दुस्तान चहिये ।

मोहित

Wednesday, April 12, 2017

तुम स्वामी विवेकंदन बनो

कभी गीत कभी गजल कभी छंद बनों ।
हल्की  हल्की  मुस्कान  से  मन्द  बनों ।
तुम जीवन ऐसा जिओ स्वाभिमान का,
कल  के  तुम  स्वामी  विवेकानंद बनों।
मोहित

Monday, April 10, 2017

हनुमान जयंती पर

श्री हनुमान जन्मोत्सव की  आप सभी सदस्यों को बहुत बहुत बधाई ।
इंसान  के जो  काम  आये  उसे  हम  इंसान कहते है ।
जहाँ पर पाप भी कट जाये उसे हम भगवान कहते है।
कभी भी आ जाये मुसीबत तो तुम उस से घबराना मत
यहाँ  संकट  को  हरने  वाले  को हम हनुमान कहते है ।
मोहित

Saturday, April 8, 2017

नारी

          एक नारी
बेटी से बहु बन के जब हो घर आती है
नारी बन के  वो सारी  खुशियां लाती है।
अपने माँ बाप को घर से छोड़ आती है
अपने रास्ते  को वहाँ  से  मोड़ आती है ।

जब कभी नारी हर आँगन में  महकती है
कभी पँछी की तरह हर जगह चहकती है।
वो चिड़िया है जो हर आँगन में ढल जाती
अब तो नारी खुद के दम पर ही पल जाती।

नारी चूड़ी,पायल,कुम कुम का श्रृंगार है
वही  सरस्वती, लक्ष्मी, सीता अवतार है।
वो  प्रेम  की मूर्त  वो  प्रेम  का सागर है
प्रेम की पाठशाला और प्रेम का  दर है।

दुनिया की आदि आबादी सिर्फ नारी है
भारत  की नारी तो सब पर ही भारी है।
कही  खेल  खेला है नारी ने  दुनिया में
नारी  के  आगे  ये  दुनिया  भी  हारी है।
मोहित जागेटिया

Tuesday, April 4, 2017

आपकी ये दोस्ती कभी नही भूल पाएंगे

तुम  दूर  भी जाओ  हम  तुम्हारे पास आएंगे ।
खुशियों  की झोली कभी तुम्हारे पास लाएंगे ।
जैसा भी  साथ मिला है आपका इस जिंदगी में ,
आपकी  ये दोस्ती हम कभी भूल नही पाएंगे ।
मोहित जागेटिया

Sunday, April 2, 2017

अब कभी तुम नाराज मत होना

किसी और के लिए तुम अब साज मत होना।
कल बर्बाद  हो  जाये  वो  आज  मत  होना ।
हो  जाये  ,जाने  अनजाने  में  गलती  तो
तुम  हम  से  कभी  भाई  नाराज  मत  होना ।
मोहित

तुम अब उनकी कभी आवाज़ मत होना ।
छुप  जाहो  सुरों में  वो साज  मत होना ।
चलना  होगा  तुमको  भी  हमारे  साथ
अब  कभी  तुम  हम से नाराज मत होना।।
   मोहित

तुम कहो तो मोहब्बत छोड़ दूंगा ।

तुम कहो तो में मोहब्बत अब छोड़ दूंगा ।
में  हाथ  तुम्हारे  आगे अब  जोड़  दूँगा ।
हमने  वफ़ा  निभाई  तुम बेवफा हो गए ,
जिंदगी  को अब उस रास्ते से मोड़ दूँगा ।
मोहित

Sunday, March 26, 2017

गांव से शहर अच्छा नही लगता

सफर बिना हमसफ़र अच्छा नही लगता है ।
बिना  माँ  के वो  घर अच्छा  नही लगता है।
चले  जाये हम  कितने भी आज दूर मगर,
गांव  से  कभी  शहर अच्छा  नही लगता है ।
      मोहित

कुछ अच्छा नही लगता तेरे दर के बिना

सफर अच्छा नही लगता हमसफ़र के बिना ।
शहर अच्छा नही लगता कभी घर के बिना।
चले  आएंगे  हम  दूर  से  तेरे  करीब,
कुछ अच्छा नही  लगता  तेरे  दर  के बिना।
    मोहित जागेटिया

शहादत तुम्हारी भूल नही पाएंगे


देश  पर  मर मिटने  वाले हम को याद आएंगे ।
उनकी शहादत के गीत,गजल हम रोज गाएंगे ।
भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु को देश नमन करता,
शहादत  हम  कभी  तुम्हारी  भूल  नही  पाएंगे।
          मोहित

मेरे बन के मेरे गम हरने

सच में तुम तो अब मोहब्बत करने लगे हो ।
करके गुना वो तुम भी जख्म भरने लगे हो ।
तुमने उसकी हर वफ़ा  की सजा मुझे  दी है ,
अब  मेरे  बनके  मेरे  गम  हरने  लगे  हो ।
        मोहित

कभी नाराज मत होना

तुम अब उनकी कभी आवाज़ मत होना ।
छुप  जाहो  सुरों में  वो साज  मत होना ।
चलना  होगा  तुमको  भी  हमारे  साथ
अब  कभी  तुम  हम से नाराज मत होना।।
   मोहित

Thursday, March 16, 2017

किसान

अपनी बेबसी पर खुद ही रोता है
सुकून की नींद कभी नही सोता है।
मेहनत के दम पर वो खुद पलता है
खुद की नजरों में वो ही फिसलता है।
जब  कुदरत अपना कहर बरसाती है
हकिगत भी सपनों  से  दूर जाती  है।
जब  ज्यादा  खेत  में  बारिश  होती है
सूखे  को  देख  आँखे  भी  रोती  है।
नही अपने माल का भाव मिलता है
हर वक्त अपने काम का ताव मिलता है।
ऐसी  है  मेरे  किसान  की  हालात
जो बिन मौसम पर होती है  बरसात ।
आज देश का किसान बदहाल मिलता
कही नही वो हमको खुशहाल मिलता।

मोहित

होली

वंदावन  की  प्यारी  प्यारी  बोली  है ।
कुमकुम, चन्दन,केसर की ये रोली है।
प्यार  का  रंग  एक  दूजे पर लगायें,
बुरा ना  मानों आज  ये  तो  होली  है।
मोहित

होली पर

हम भाईचारे  का  त्यौहार  मनायें।
अपनी बुराई  को  होली  में जलायें।
ऐसा ही भारत में होलिका दहन हो,
एक दूजे पर खुशिया अपार लुटायें।
मोहित

होली

वंदावन की खुशबू हो बसंत की बहार हो ।
ब्रज की होली राधा संग खुशिया अपार हो ।
आज खेलों तुम गोपियों संग प्यार की होली,
ऐसी होली हो जिसमें खुशिया संग प्यार हो।

Monday, March 6, 2017

शादी की साल गिराह

चन्दन  की वादियों में  बसेरा हो  आपका
एक दूजे से मिलने पर सवेरा हो आपका ।
ऐसा ही जन्म ,जन्म का बंधन हो आपका
मधुर मुस्कान दिखे वो सम्बन्ध हो आपका ।
जीवन के पथ पर साथ चलने का साथ मिला
आगे  बड़ने  का  एक  दूजे  को  हाथ  मिला ।
एक  दूजे  का  सपना आपका  स्वीकार  हो
जब हँसता खिलता हुआ आपका परिवार हो
हमेशा  एक  दूजे  के  दिल को  तुम थामना
वर्ष  गाठ  पर  मेरी  ये  ही  मंगल  कामना।
मोहित जागेटिया

विवाह की वर्षगाँठ पर

दो  दिल मिलें थे तभी जा कर फूल खिले थे
वो चमन भी महका था जब दो दिल मिले थे ।
यूँ   ही   प्यार   का   बंधन  आगे  बड़ता  रहें
आपकी   जिंदगी  का  सफर  यूँ  चलता  रहें।
ये   जोड़ी   तुम्हारी  हर  पल   सलामत  रहें
एक   दूजे   के   दिल   में   ये  मोहब्बत  रहें।
एक  दूजे  के  हर  सपनों  को  उड़ान  मिलें
मेरी  दुआ  है  हर  मोड़  पर  मुस्कान  मिलें।
       मोहित
 

Thursday, March 2, 2017

नेता पर कविता

नेता की तो प्यारी प्यारी बोली है।
जनता तो सारी बेचारी भोली है।
चुनाव में जनता को कभी ढूंढ़ते है
चुनाव बाद जनता को वो लूटते है।
ये कैसा आज वो देश बना रहें है
देश में कैसा परिवेश बना रहें है।
भाई  भाई  में  लड़ाई  कराते  है
दुश्मन को भी अपने गले लगाते है ।
राजनीति में ये कैसा साल आ गया
नेता का आज तो बुरा काल आ गया ।
ये क्या अमन में कभी फूल खिलाएंगे
जो  वोट  के  लिए खुद ही गिर जाएंगे।
मोहित जागेटिया

मोहब्बत की बस्ती में प्यार का पैगाम लाया

मोहब्बत की बस्ती में ,प्यार का पैगाम लाया हूँ ।

में अपना शहर छोड़ के,आज तेरे शहर आया हूँ ।

मुझे दुगनी मोहब्बत से तुमने जो आज नवाज़ा है

हमेशा  याद  आएगा ,ऐसा  प्यार  यहाँ  पाया हूँ।

   मोहित

झूट से नफरत करता हूँ

जिसने मेरे को चाहा उस से मोहब्बत करता हूँ ।
में तो झूट से हर पल हमेशा ही नफरत करता हूँ ।
ये दुनिया कितनी जालिम इसको में नही समझ पाया,
अपनों से धोखा जो करें उस से बगावत करता हूँ ।
     मोहित

Thursday, February 23, 2017

शिव वंदना

           शिव वंदना
शिव नाम बड़ा है शिव धाम बड़ा है
शिव शब्द बड़ा है शिव काम बड़ा है।
शिव की पूजा कर शिव को वंदन कर
शिव की चरणों में तू आज नमन कर।
शिव  ही  तेरा  बेड़ा  पार  करेंगे
शिव ही तो तुमको स्वीकार करेंगे।
वो कैलास निवासी  घट घट वासी
वो रहते है हर गली गली कासी।
शीश पर चन्द्र माँ और गंग धारी
वो  देवो  के  महादेव  अवतारी।
वो  रामेश्वर  है  वो  परमेश्वर  है
वो ही काल के महाकालेश्वर है।
वही सोमनाथ और नागेश्वर है
वही वेदनाथ और त्रमकेश्वर है।
जटाधारी  और  डमरू  वाले  है
वो शिव शंकर ही भोले भाले है।
रहते  है  वो  पत्थर  पत्थर  कंकर
जय जय शिव शंकर जय जय शिव शंकर ।
मोहित जागेटिया

       शिव वंदना

शिव नाम बड़ा है शिव धाम बड़ा है
शिव शब्द बड़ा है शिव काम बड़ा है।
शिव की पूजा कर शिव को वंदन कर
शिव की चरणों में तू आज नमन कर।
शिव  ही  तेरा  बेड़ा  पार  करेंगे
शिव ही तो तुझको स्वीकार करेंगे।
वो कैलाश निवासी  घट घट वासी
वो रहते हैं हर गली गली काशी।
शीश पर चन्द्र माँ और गंग धारी
वो  देवों  के  देव  बड़े अवतारी ।
वो  रामेश्वर  है  वो  परमेश्वर  हैं
वो ही काल के महाकालेश्वर हैं।
वही सोमनाथ और नागेश्वर हैं
वही वेदनाथ और त्र्यम्बकेश्वर हैं।
जटाधारी  और  डमरू  वाले  हैं
वो शिव शंकर ही भोले भाले हैं।
रहते  हो तुम  पत्थर  पत्थर  कंकर
जय जय शिव शंकर जय जय शिव शंकर ।
मोहित जागेटिया