Monday, August 14, 2017

कान्हा दिल से आज हम बुलाएँगे

तेरा  मंदिर  फूलो  से  आज  सजाएंगे।
मिश्री, माखन ,दही का भोग लगाएंगे ।
हमारे द्वार पर तुम भी आज चले आना ,
कान्हा तुम्हें आज हम दिल से बुलाएँगे।
मोहित

Sunday, August 13, 2017

तिरंगा 15/8/17

हम  आज़ादी  का  ये  त्यौहार  मनायें
एक  दूजे  में  प्यार की अलख जगाए ।
भारत  के  वीरों   को  सम्मान  दिलाए
इस धरती पर हम अपना फर्ज निभाए ।
विश्व   की  धरती  पर  तिरंगा  लहरायें
ऐसा  सुन्दर  भारत  यहाँ  हम  बनायें ।
हम शांति ,अहिंसा के मार्ग पर अब चलें
कलमकार  अपनी  ये  आवाज  उठायें ।
इस  धरती का हम अपना कर्ज चुकायें
भारत  माता  पर  अपना शीश जुखायें ।

ये  आजादी   हमारी   शान  बन  जायें
आजादी   हमारी   मुस्कान  बन  जायें ।
तीन   रंगों   से   बना   हमारा   तिरंगा,
अंत  समय  हमारी  पहचान  बन जायें ।
       मोहित

कृष्ण जन्माष्टमी पर छंद

वो गोकुल का ग्वाला था, वो मोर मुकुट धारी
वो  कृष्ण  बांके बिहारी ,आज  मथुरा  आया ।
मुरली  का दीवाना था, वो माखन को  चुराता
गोपियों    संग   रहता ,  राधा    दिल  चुराया।
पापियों का नाश किया,भक्तो का उद्धार किया
सबका कल्याण किया, वो  हर  जगह  छाया।
गीता  उपदेस  दिया , ज्ञान  का  पाठ  पढ़ाया
जिसने  तो  दुनिया  को,  प्रेम  पाठ  सिखाया।
मोहित







Thursday, August 10, 2017

अंसार के बयान पर

अपनी औकात में और अपने ईमान में रहों ।
बनाई है पहचान तो अपनी पहचान में रहों।
ऊँचाई पर जा कर आज नीछे क्यों गिरते हो तुम,
यहाँ पर सुरक्षित नही तो तुम पाकिस्तान में रहों।
मोहित

Saturday, August 5, 2017

वहाँ चला आहूँगा

जिंदगी के हर मोड़ पर तुम हो तो क्या गम है।
मेरी तुम से दोस्ती नही किसी से अब  कम हैं।
हर  मुसीबत  में  मुझे  तुम तो आवाज लगाना,
वहाँ   चला  आहूँगा  तेरे  आगें   जो   हम   हैं।
    मोहित

ये दोस्त तुम ही मेरी जिंदगी

तुम  ही  मेरी  जिंदगी  हो ,तुम  ही अब मेरा प्यार हो।
तुम  से  बनी  हसीन  दुनिया , तुम  ही मेरा संसार हो।
तुम हो तो मुझे क्या गम है तुम नही तो हर पल कम है,
ये  जिंदगी तो एक  नदी  , जिसकी तुम निर्मल धार हो।
        मोहित

Audio Kavita by MOHIT JAGETIYA

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